Uttarakhand News 17 Feb 2025: Trekking in Uttarakhand: देशभर में ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शीतकालीन यात्रा के दौरान उन्हें दो नए ट्रेक रूट मिलने जा रहे हैं। उत्तरकाशी जिले में चीन सीमा पर जादूंग से जनकताल व नीलापानी से मुलिंग-ला को जोड़ने वाले ये ट्रेक रूट का उद्घाटन प्रधानमंत्री को करना है। इनमें से जादूंग से जनकताल जहां सरल ट्रेक है, वहीं नीलापानी से मुलिंग-ला कठिन श्रेणी का ट्रेक है।

पर्यटन व तीर्थाटन के साथ ट्रेकिंग व पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी उत्तरकाशी जिला अपनी अलग पहचान रखता है। यहां 60 से अधिक ट्रेक रूट हैं। पिछले कुछ समय से जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग चीन सीमा पर जादूंग से जनकताल ट्रेक रूट को खोलने की तैयारी में जुटा था।

गंगोत्री नेशनल पार्क व आइटीबीपी की संयुक्त टीम इसका सर्वे भी कर चुकी है। बीते वर्ष सीमांत क्षेत्र के भ्रमण पर आए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) को भी इस ट्रेक के जल्द खुलने की जानकारी दी गई थी। अब जबकि, 27 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी का उत्तरकाशी दौरा प्रस्तावित है, तो ट्रेक के उद्घाटन का इससे बेहतर अवसर और कोई नहीं हो सकता।

पीएम मोदी के दौरे के लिए सजाया जा रहा मुखबा गांव।

इसी के मद्देनजर प्रशासन व पर्यटन विभाग भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्र में एक और ट्रेक नीलापानी से मुलिंग-ला को खोलने की भी तैयारी है। जिलाधिकारी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान दोनों ट्रेक रूट का उद्घाटन कराया जाएगा।

जादूंग-जनकताल ट्रेक:
समुद्रतल से करीब 5,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह ट्रेक रोमांच का अनुभव कराता है।
करीब 11 किमी लंबा यह ट्रेक जादूंग से शुरू होता है, जहां आइटीबीपी की चौकी भी है।
यह ट्रेक नीले पानी की शांत झील जनकताल पहुंचता है।
इसके खुलने से नेलांग घाटी में पर्यटन व ट्रेकिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नीलापानी-मुलिंग-ला ट्रेक:
करीब 25 किमी लंबा यह ट्रेक रूट नीलापानी से मुलिंग-ला तक जाता है।
मुलिंग दर्रा उत्तराखंड से चीन को जोड़ता है।
वन विभाग के अनुसार जादूंग-जनकताल की तुलना में यह कठिन श्रेणी का ट्रेक है, जो पर्यटकों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में रोमांच का अनुभव कराएगा।

मध्य मई से मध्य अक्टूबर तक कर सकेंगे ट्रेकिंग
डीएम डा. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि दोनों ही ट्रेक रूट ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित होने के कारण शीतकाल में बर्फ से ढके रहते हैं। इसलिए नवंबर से अप्रैल तक पर्यटकों को यहां जाने की अनुमति नहीं होगी। मध्य मई से लेकर मध्य अक्टूबर तक ही पर्यटक इन ट्रेक पर भेजे जाएंगे।

पहली बार जाएंगे निम और आइटीबीपी के दल
उद्घाटन के बाद निम व आइटीबीपी के दल इन ट्रेक रूट पर रवाना होंगे। इनमें जादूंग-जनकताल ट्रेक पर नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और नीलापानी-मुलिंग ला ट्रेक पर आइटीबीपी का दल रवाना होगा।